Majboori Shayari in Hindi
वह मान ना सके गुजारिश हमारी, मजबूरी हमारी वह जान ना सके, कहते हे याद रखेंगे मरते दम तक जीते जी पहचान ना सके। बुरे वक्त में मांगों किसी से मदद लोग अपनी मजबुरियां बताने लगते हैं, वो अपने ही होते हैं जनाब जो बुरे वक़्त में साथ छोड़ देते हैं। वक्त नूर को बेनूर कर देता हैं, छोटे से जख्म को नासूर कर देता है, कौन चाहता है अपने से दूर होना, लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता हैं... हिम्मत तो इतनी थी कि समुद्र भी पार कर सकते थे, मजबूर इतना हुए कि दो बुंद आंसूओं ने डुबा दिया। Also, Read - Sad Shayari In Hindi Sharabi Shayari Miss You Shayari 1000+ Breakup Shayari Shayari On Life फिर यूँ हुआ कि जब भी जरुरत पड़ी मुझे हर शख्स इत्तेफाक से मजबूर हो गया... ना कोई लाचारी है ना कोई मजबूरी है, बेवफाई उसकी पैदायशी बीमारी है... हम मजबूरी में काम करते रह हर वक्त जब लौट के आये कोई था ही नहीं हमारा। हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो, हम सिर्फ तुम्हारे हो जाएँ हमें इतना मजबूर कर दो! अगर तेरी मजबूरी है भूल जाने की तो मेरी आदत है तुझे याद रखने की। क...